नमस्कार दोस्तों भदोही (संत रविदास नगर) में सफाई कर्मियों की भर्ती को लेकर 2026 बहुत ही उथल-पुथल भरा साल रहा है। लंबे समय से अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं प्रशासन ने भी बड़े स्तर पर भर्ती का काम किया है। इस लेख में हम भदोही सफाई कर्मी भर्ती 2026 से जुड़ी हर जरूरी बात को विस्तार से समझेंगे।
18 साल बाद बड़ी खबर 145 सफाईकर्मियों की तैनाती
साल 2026 की सबसे बड़ी राहत भरी खबर फरवरी 2026 में आई। करीब 18 साल के लंबे इंतजार के बाद, भदोही जिले में 145 सफाईकर्मियों को तैनाती मिली। ये कर्मचारी प्रदेश के 28 जिलों के सरप्लस (अतिरिक्त) सफाईकर्मियों में से चुनकर भेजे गए थे।
इस भर्ती से क्या बदलाव आया?
- जिले की 546 ग्राम पंचायतों में सफाई का काम शुरू हुआ।
- एक सफाईकर्मी को तीन-तीन ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई।
- लगभग 15 लाख की ग्रामीण आबादी को इसका सीधा फायदा होने की उम्मीद है।
यह भर्ती क्यों जरूरी थी?
भदोही में सफाई व्यवस्था लंबे समय से बेहद खराब थी। शहर का विस्तार होने के बाद भी स्वच्छता के काम में कोई सुधार नहीं आया था। 300 गांवों में बने रिसोर्स रिकवरी सेंटरों में से केवल 25 ही संचालित हो रहे थे, बाकी तालाबंद पड़े थे। नए सफाईकर्मियों के आने से इन समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी थी।
विवाद पिछले 17 सालों से लंबित भर्ती और आंदोलन
भले ही 145 कर्मियों की तैनाती हुई हो, लेकिन भदोही में सफाई कर्मी भर्ती का मामला बहुत पुराना है। इसका इतिहास 2008 तक जाता है।
5678 अभ्यर्थियों का लंबा संघर्ष
भदोही के स्थानीय अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 17 वर्षों से अपनी नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी कुल संख्या 5678 है। इस मांग को लेकर उन्होंने कलेक्ट्रेट पर कई बार धरना-प्रदर्शन किए हैं।
विरोध प्रदर्शन और चरम कदम
- 17 फरवरी 2026: अभ्यर्थियों ने कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन सौंपा और विरोध प्रदर्शन किया।
- 27 फरवरी 2026: एक अभ्यर्थी, पंधारी कनौजिया, नियुक्ति की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और मांगों पर विचार का आश्वासन दिया।
अभ्यर्थियों की मुख्य चिंता
अभ्यर्थी सबसे ज्यादा इस बात से नाराज हैं कि अन्य जनपदों से सरप्लस सफाईकर्मियों को भदोही लाया जा रहा है, जबकि यहां के स्थानीय अभ्यर्थी बेरोजगार हैं।
भदोही की सफाई व्यवस्था ताजा हालात
भर्ती और विवादों के बीच, भदोही में सफाई व्यवस्था की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है:
- कूड़ा न उठना: शहर में सुबह 10-11 बजे तक घरों का कचरा नहीं उठ पा रहा है। सफाई कर्मी केवल मुख्य सड़कों पर ही ध्यान दे पा रहे हैं, मोहल्लों की स्थिति खराब है।
- स्वास्थ्य जोखिम: कूड़े के ढेर से बदबू और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
- अधिकारियों की लापरवाही: इस मामले में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने पालिका अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1: भदोही सफाई कर्मी भर्ती 2026 में कुल कितने पद निकले?
A: 2026 में भदोही जिले में कुल 145 सफाईकर्मियों की तैनाती हुई है।
Q2: 2008 की सफाई कर्मी भर्ती का क्या हुआ?
A: 2008 की भर्ती प्रक्रिया अभी भी लंबित है। अभ्यर्थी लगातार इस मामले को उठा रहे हैं और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
Q3: भदोही सफाई कर्मी अभ्यर्थी क्या मांग कर रहे हैं?
A: अभ्यर्थी चाहते हैं कि बाहरी जिलों से कर्मियों को भेजने के बजाय भदोही के स्थानीय 5678 अभ्यर्थियों में से नियुक्ति की जाए।
Q4: सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए क्या किया जा रहा है?
A: 145 नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिन्हें 546 ग्राम पंचायतों में तीन-तीन पंचायतों की जिम्मेदारी दी गई है।
निष्कर्ष
भदोही सफाई कर्मी भर्ती 2026 एक मिली-जुली तस्वीर पेश करती है। एक तरफ 18 साल बाद 145 नए कर्मचारियों की तैनाती एक बड़ी राहत है, तो दूसरी तरफ 2008 से लंबित भर्ती और स्थानीय अभ्यर्थियों का संघर्ष अभी भी जारी है। नए कर्मियों के आने से सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जरूर है, लेकिन यह तभी संभव है जब प्रशासन नियमित निगरानी रखे और स्थानीय अभ्यर्थियों की मांगों पर भी गंभीरता से विचार करे।







